स्टॉक मार्केट में फंडामेंटल एनालिसिस कैसे बेसिक से सीखें?

आज हम फंडामेंटल एनालिसिस के बारे में चर्चा करेंगे इस प्रकार के एनालिसिस मे कंपनी के फायदे और नुकसान के बारे मे  दर्शानेवाली बैलेंस शिट  के अभ्यास के आधार पर वह शियर निवेश के लिए सही है या नहीं इसका अंदाजा लगाया जाता है इस प्रकार का एनालिसिस हमें किसी भी कंपनी की गुणवत्ता का नापतोल करने मेन मदद करता है



ज्यादातर लोगों का कहना है की एक बार कंपनी की फंडामेंटल जाच कर लेने के बाद ही निवेश किया तो वह फादेमंद होता है दीर्घ कालावधि की दृष्टी से किये गये निवेश में ऐसा जरुर होता है क्योंकि हर समय अच्छा परिणाम देनेवाले कंपनी का भाव जरुर बढ़ता है परंतु जो लोग कम समय के लिए निवेश करते है उनका सिर्फ कंपनी के परिणाम के आधार पर उसमें निवेश किया तो कठिन परिस्थिति का सामना करना पड़ सकता है| क्योंकि जरुरी नहीं की अच्छा परिणाम जल्द ही आ जायेगा इसलिए कम समय के लिए निवेश करना हो तो टेक्निकल एनालिसिस का उपयिग करना बहुत जरुरी होता है 

दूसरी तरह से देखा जाये तो ऐसा कहा जा सकता है की अगर किसी कंपनी के शेअर्स गाड़ी है तो उस कंपनी का फंडामेंटल उस गाड़ी का ईंधन होता है और टेक्निकल एनालिसिस उस गाडी का ड्रायव्हर होता है चाहे जितनी अच्छी गाड़ी हो परंतु उपयोग होनेवाले ईंधन की गुणवत्ता खराब हो तो गाड़ी अच्छा से हैं चल सकती साथ ही अच्छा ड्रायव्हर न होने पर भी गाड़ी अच्छा से नहीं चल सकती

गाड़ी का ईंधन यानि की सकारत्मक परिबलों के आधार पर ऐसा कहा जा सकता है की गाड़ी अच्छी दुरी टी कर सकती है पर वह कितने जल्द दौड़ेगी, कहा पर जा के रुकेगी, कहा से घूमकर फिर से आगे जाएगी, कसते में कितने घुमाव लेकर आगे चलेगी इसका ड्रायव्हर पर निर्भर करता है

जैसे गाड़ी में सीधा पेट्रोल है या हाय-ओकतें पेट्रोल है वह गाड़ी की कर्यछामता पर परिणाम करता है उसी तरह से अच्छा परिणाम देनेवाले कंपनी के शेअर्स की चाल सीधी और लंबी हो सकती है ऐसे संयोजनवाली कंपनी के शेअर्स ढूंढने का प्रयास कीजिए टेक्निकल एनालिसिस की मदद से कई बार सामान्य शेअर्स में भी विविध स्तरों की जाच करने के बाद कम समय में फायदा लिया जा सकता है इसलिए कौनसी परिस्थिति में क्या करना चाहिए इस सवाल का जवाब टेक्निकल एनालिसिस के अध्ययन से मिल सकता है

समझ ने की बात यह है की अछि गाड़ी के लिए अच्छा ड्रायव्हर मिलना चाहिए वैसे भी खटारा और मर्सिडीज में से ड्रायव्हर को चुनाव करना हो तो वह मर्सिडीज को ही पसंद करेह उसी तरह से अछे शेअर्स को चलने का बल अपने आप ही मिला हुवा नजर आता है

गाड़ी की पहचान करने के लिए जैसे की वह मर्सिडीज है या खटारा आपको फंडामेंटल एनालिसिस की मदद लेनी पड़ती है टेक्निकल परिबल जैसे की ड्रायव्हर के आधार पर तो मर्सिडीज भी चलती है और खटारा भी चलती है पर जब ख़राब समय आता है तब मर्सिडीज में आप बैठे हो तो तकलीफ कम होती है पर खटारा आपको देगा दे सकता है और आपके साथ अनहोनी होने की संभावना होती है

ख़राब माहौल में मर्सिडीज यने अछे शेअर्स की स्पीड धीमी होते हुए नजर आती ही पर खटारा टी ज्यादातर नुकसान के गड्ढ़े में गिरता हुवा नजर आता है और संभव है की यूज़ कोई भी ड्रायव्हर हाथ देने के लिए राजी न हो

जैसे मर्सिडीज में होने पर रास्ता जब ठीक नहीं होता तब कम तकलीफ का अनुभव हिता है उसी तरह से अछे शेअर्स में बाजार में आनेवाली अफरातफरी में दुसरे शेअर्स की तुलना में कम उथलपुथल नजर आती है और उस समय में भी उन पर नहीं के समान परिणाम नजर आता है

जब अच्छी गाड़ी में स्वर होनेपर दुर्घटना हुई तो भी जान की कम खतरा होता है पर साधारण गाड़ी में बैठे होने पर दुर्घटना हुई तो आपनी जान पर भी बन सकती है उसी तरह से अछे शेअर्स के भाव में गिरावट हुई तो भी समय के अनुसार जल्द ही एक समान हो जाती है पर जब खराब शेअर्स में ईएसआई स्थिति आती है तब अपने मेहनत की पुन्जिपर पानी फिर सकता है

इसलिए निवेश का निर्णय लेने से पहले फंडामेंटल एनालिसिस के आधार पर अछे गुणवत्ता वाले शेअर्स को अलग निकलकर रख दीजिए उसके बाद टेक्निकल एनालिसिस द्वारा उसके ट्रेंड सुधर की शुरुआत और उसकी तेजी आदि महत्वपूर्ण परिबलों की स्पस्ट करने के बाद ही निवेश करना चाहिए सस्ते मिलनेवाले शेअर्स के पीछे नहीं दौड़ना चाहिए  

आशा है कि यह पोस्ट आपके लिए मददगार रहा होगा। अगर आपके कोई सवाल या सुझाव हैं, तो हमें कमेंट में बताएं! 😊

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